मैं भी मदहोश हो जाता
आंखों में रहे अश्क़ जज़्बात ने रुकने न दियाबात थी मेरी ज़ुबाँ पर, लबों ने हिलने न दियाबस इक लम्हा
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Read Moreभारतीय सांस्कृतिक चेतना के आकाश में पवनपुत्र हनुमान एक ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र हैं जिनकी आभा युगों-युगों से मानवता को आलोकित
Read Moreआज के अति-प्रतिस्पर्धी और दिखावे से भरे युग में मनुष्य एक ऐसी अंतहीन दौड़ का हिस्सा बन गया है, जहाँ
Read Moreकॉलेज की फिज़ाओं में एक नाम गूंजता था, अमन आरिफ़। वह एक संजीदा फ़िक्र नौजवान, जिसकी दुनिया किताबों, शायरी और
Read Moreशहर की सुबहें हमेशा भागमभाग वाली होती हैं। ट्रैफ़िक का शोर, हॉर्न की आवाज़ें, और टैक्सी स्टैंड पर भीड़। उसी
Read Moreआज के इस चकाचौंध भरे डिजिटल दौर में इंसान अपनी सच्ची ज़िंदगी जीने के बजाय दूसरों की बनावटी चमक-धमक वाली
Read Moreइंसानी समाज की नींव हमेशा से सच्चे दिल, सम्मान और आपसी दया पर टिकी रही है। इतिहास के पन्ने पलटकर
Read Moreसाहित्य का असली मक़सद तो समाज की सच्चाई को उजागर करना, लोगों के जज़्बात और दर्द को आवाज़ देना था।
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