ये जिंदगी
पल दो पल की ये जिंदगी आज बचपन का लड़कपन , फिर कल मदहोश जवानी परसों बुढ़ापा, फिर खत्म तेरी
Read Moreये कैसा युग आया है । जिन्दगी सस्ती और मौत महंगी हर तरफ बरबादी का साया है । घमंड और
Read Moreदिल में दर्द,आंखों में पानी नारी तेरी यही कहानी तूने हस्ती अपनी मिटा दी पर दुनिया ने तेरी कदर न
Read Moreइस जीवन की भागदौड़ में भाग भाग कर मैं थकने लगा हूँ, रातों को सोते सोते जागने लगा हूँ। बचपन
Read Moreकैसे गुजरे ये वक्त कुछ पता ही नहीं चला, बचपन से जवानी और फिर बुढापे में जीवन ढला। बचपन में
Read Moreशहरों से हो रही हरियाली गायब जिंदगी से खुशहाली है गायब ईयरफोन बन गया है कानों का गहना जिससे कानों
Read Moreसपने संजोये हम बालीवुड में आते हैं , दर – दर के ठोकरे खाते – खाते कोई मुकाम हम पाते
Read Moreजब मैं छोटा बच्चा था बड़े होने की तमन्ना था बड़ा हुआ तो जवानी आई दूर खड़ा बुढ़ापे ने अपनी
Read Moreक्या कहूँ कैसे कट रही है जिंदगी इस उजड़े चमन को लिए हुए, चेहरे से उड़ रही है हवाईयाॅ दिल
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