Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

राजनीति

भिवानी से इंकार, हमको चाहिए जिला हिसार : सिवानी की एक दशक पुरानी, न्यायसंगत पुकार

लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासनिक सीमाएँ पत्थर की लकीर नहीं होतीं। वे जनता की सुविधा, सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं और क्षेत्रीय संतुलन के

Read More
राजनीति

हांसी : इतिहास के केंद्र से हाशिये तक और फिर जिले की दहलीज़ पर

इतिहास कभी अचानक नहीं बदलता, वह धीरे-धीरे करवट लेता है। हरियाणा की प्राचीन नगरी हांसी इसका जीवंत उदाहरण है। एक

Read More
राजनीति

संसद का अवरुद्ध स्वर और लोकतंत्र की कसौटी

भारतीय संसद लोकतंत्र की आत्मा मानी जाती है। यही वह मंच है जहाँ जनता की विविध आकांक्षाएँ, असहमतियाँ और अपेक्षाएँ

Read More
सामाजिक

ऑफिस टाइम के बाद नो कॉल–नो ईमेल : बॉस का फोन न उठाने का हक

भारत का कार्य-संस्कृति परिदृश्य पिछले दो दशकों में जिस तेज़ी से बदला है, शायद ही दुनिया का कोई अन्य देश

Read More
राजनीति

अंतरराष्ट्रीय मंच पर शिष्टाचार और भारतीय प्रतिनिधित्व का सवाल

भारत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इंटरव्यू को लेकर उठी बहस किसी छोटे विवाद का परिणाम नहीं है, बल्कि

Read More