संभल सको तो संभल
देश से टूट कर प्यार करने वालों के लिएदेश को समझना आसान है,जो देश को ना समझ पाने की बात
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Read Moreमैं देख रहा हूं किबच्चे खेल रहे हैंहोकर मस्ती में चूर,गम और चिंताओं से दूर,खेल जीवन का एक प्रयोग,शरीर के
Read Moreहां मैं बहुत नाराज हूं आपसे,आपसे मुझे नफरत है पापा,हमेशा हमसे झूठ बोलते हो,जहां प्रखर आवाज चाहिएवहां क्यों सब कुछ
Read Moreवही पुराने धोखे हैं याकोई संकट नया है,पता नहीं यह क्या है,हम आ जाते हैं धोखे में छलने वालों के,साधारण
Read Moreबड़े बड़े अधिकारियों केरहमोकरम पर डोल रहा हूं,साथियों मैं इस वक्तसूरजपुर से बोल रहा हूं,हर पहुंच कार्यालय मेंमेरा हरदम नाम
Read Moreरह तो रहे हैं,इसे घर कह तो रहे हैं,पर घर में मकड़ियों का जाला है,अव्यवस्थाओं का बोलबाला है,कोई किसी कोअपने
Read Moreहो तो इंसान हीबेहतर होगा इंसान बनकर रहा जाए,जीवन के हर मोड़ पर सुख दुख सहा जाए,ये भी है कि
Read Moreएक हाथ से ताली बजाने वालों,ध्यान से मेरी बात सुनो—तुम्हें कभी न कभीज़रूरत पड़ेगीदूसरे हाथ की…साथियों के साथ की… जब
Read Moreकिसी और शहर जाने के लिएएक खास नाम का बस विनय था,जिसके आने जाने का समय तय था,मुझे इंतजार में
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