बजता है जल तरंग
बारिश की बूँदों ने आकर,सपन सलोने दे डाले,अवनी भी उल्लासित होकर,खोल रही दिल के ताले। पवन चले जो मंद मंद
Read Moreबारिश की बूँदों ने आकर,सपन सलोने दे डाले,अवनी भी उल्लासित होकर,खोल रही दिल के ताले। पवन चले जो मंद मंद
Read Moreजब भी खोलूँ खिड़की द्वार,दिखे नभ मेघ का प्रणय अपार। करते दोनो लुका छिपी,रहते मिल के हँसी खुशी। बादल के
Read Moreक्यों मन मलिन तेरा सखेयाद किसी की आई है?बैठे हो सरि के कूल परया दिखती परछाई है। क्योंअचंभित हो गए
Read Moreकरती हूँ जिससे मैं अपने मन की बातें,वो एक रफ कॉपी अरु ढेर सारी किताबें। उस रफ कॉपी के पन्नों
Read More