नैतिकता के दोहे
नैतिकता के पथ चलो, तभी बनेगी बात। जीवन तब होगा मधुर, पाये तू सौगात।। नैतिकता के संग हैं, दया, मनुजता,नेह।
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Read Moreदेश की शीर्ष कृषि व पशुपालन विषयक वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाली पत्रिका “कृषक वंदना”(जबलपुर)ने विगत दिनों अपना सिल्वर जुबली स्थापना वर्ष
Read Moreमंडला- ऑन लाइन भव्य विराट कवि सम्मेलन निस्वार्थी साहित्य समूह ढाणा झज्जर हरियाणा के पटल पर आयोजित हुआ।जिसका संचालन बहन मनजीत
Read Moreनया काल है,नया साल है,गीत नया हम गाएंगे । करना है कुछ नवल-प्रबल अब,मंज़िल को हम पाएंगे ।। बीत गया
Read More(१) ठंडी की तो रुत है आई,माँगें सभी रजाई। मौसम ने मारा है सबको,व्याकुल दद्दा-माई।। हवा चल रही बेहद शीतल,देते
Read Moreमंडला-मंज़िल ग्रुप साहित्यिक मंच(मगसम)की साहित्यिक रथयात्रा श्री सुधीर सिंह सुधाकर जी के नेतृत्व में देश के विविध स्थानों में साहित्यिक
Read Moreमानवता का धर्म निभाना।ख़ुद को चोखा रोज़ बनाना।। बुरे सोच को दूर भगाना।प्रेमभाव को तुम अपनाना।।(1) दयाभाव के फूल खिलाना।पर-उपकारी
Read Moreबचपन की यादें सजीं ,ले मीठे अहसास । बचपन के दिन थे सुखद ,सचमुच बेहद ख़ास ।। दोस्त-यार सब थे
Read More(1) धरती माता लाड़ का,है असीम भंडार। संतति की सेवा करे,है सुख का आगार।। है सुख का आगार,धरा है सुख
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