आत्मकथा : एक नज़र पीछे की ओर (कड़ी 23)
नये मकान में हमारा नया मकान भी अशोक नगर में ही सड़क के बीच वाले मंदिर के पास था। उसके
Read Moreनये मकान में हमारा नया मकान भी अशोक नगर में ही सड़क के बीच वाले मंदिर के पास था। उसके
Read Moreबहुत से लोग सोचते हैं कि सभी लोग बीमार पड़ते रहते हैं, हम भी पड़ गये तो कोई बड़ी बात
Read Moreकैप्टेन राजीव का कार्य सेना से रिटायर्ड कैप्टेन श्री राजीव सिंह कानपुर मंडलीय कार्यालय में सुरक्षा अधिकारी के रूप में
Read Moreसूरज भाईसाहब का देहावसान चौथी बार मुझे फिर मई 2003 में तब श्मशान घाट जाना पड़ा था, जब हमारे सूरज
Read Moreविश्व संवाद केन्द्र से जुड़ाव लिखने-पढ़ने में मेरी प्रारम्भ से ही रुचि रही है और राजनीतिक घटनाओं में भी। मैं
Read Moreबच्चों की पढ़ाई ईश्वर की कृपा से हमारे दोनों बच्चे पढ़ने में बहुत तेज रहे हैं। दीपांक कक्षा 2 से
Read Moreनये स.म.प्र. श्री दौलतानी श्री एस.एन.पी. सिंह की जगह श्री अजित लाल दौलतानी हमारे स.म.प्र. बनकर आये। उनसे मेरा पूर्व
Read Moreगुलशन जी कपूर का कार्य श्री गुलशन कपूर हमारे मंडलीय कार्यालय में अग्रिम विभाग (ऋण विभाग) में प्रबंधक थे। एक
Read Moreपप्पूजी की बीमारी मेरी साली राधा (गुड़िया) का विवाह हो चुका था, परन्तु दुर्भाग्य से उसके कोई सन्तान नहीं थी।
Read Moreमनीषा का विवाह सन् 2000 में कानपुर वाले भाईसाहब श्री सूरजभान की दूसरी पुत्री मनीषा का विवाह निश्चित हुआ। वह
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