आशादीप
आज खिलाड़ियों का चयन होना था। बड़ी आशा थी उसे, वह अपने देश के लिए खेल पायेगा। विश्वास था, अपने
Read Moreलघुकथा ईश्वर के प्रतिरूप पति-पत्नी शाम को टेरेस पर बैठे बतिया रहे है।पत्नी बोली, “अभी कोरोना से दुनियाभर में हाहाकार
Read Moreअर्थ का अनर्थ हिन्दी भाषा में कभी-कभी वर्तनीगत अशुद्धियाँ कैसे अर्थ का अनर्थ कर देती हैं, वह इस कहानी से
Read Moreस्वाभिमानी किसान “नमस्कार मैनेजर साहब।” मैनेजर के चैंबर में घुसते हुए रामलाल बोला।“नमस्कार, आइए-आइए, रामलाल जी। बैठिए। बताइए क्या सेवा
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