*देवम बगीचे में*
स्कूल की पढ़ाई और होम-वर्क के बाद, देवम को जब भी फुर्सत मिलती तो वह बगीचे में जरूर जाता। बगीचे
Read Moreस्कूल की पढ़ाई और होम-वर्क के बाद, देवम को जब भी फुर्सत मिलती तो वह बगीचे में जरूर जाता। बगीचे
Read Moreवीरू तेजा के घर से थोड़ा दूर चारों तरफ पुलिस फोर्स तैनात होने के वाबजूद भी कातिल का कुछ पता
Read Moreअमर घर से निकल तो पड़ा था लेकिन उसे खुद ही पता नहीं था उसे जाना कहाँ है करना क्या
Read Moreअगले दिन सुबह अमर की नींद बड़ी देर से खुली। धुप चढ़ आया था । दीवार पर लगी घडी सुबह के
Read Moreशेठ इमरतिलाल लाला धनीराम से मिलने आये थे । दोपहर का वक्त था । लाला धनीराम शायद किसी काम से बाहर
Read More” हाँ माँ ! वही धनिया । अपने कारखाने में ही काम करती है । बहुत अच्छी और मेहनती लड़की
Read Moreधीरे धीरे चलते हुए अमर फैक्ट्री पहुँच गया । सभी मजदूर अपना अपना काम शुरू कर चुके थे । धनिया भी
Read Moreलाला धनीराम की गिनती रामपुर के धनाढ्य लोगों में होती थी । अनाज के थोक व्यापार के अलावा उनकी धान कूटने
Read Moreडिटेक्टीव समीर अपनी टीम के साथ वीरू तेजा के फ्लैट के पास पहुँच गये थे समीर ने अपनी गाड़ी रोकी
Read Moreडिटेक्टीव समीर अपने आॅफिस में अकेले बैठा था और कातिल को पकड़ने की योजना बना रहा था तभी वहां सूरज
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