गीतिका/ग़ज़ल *मदन मोहन सक्सेना 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल सपने सजाने लगा आजकल हूँमिलने मिलाने लगा आजकल हूँहाबी हुयी शख्शियत मुझ पर उनकीखुद को भुलाने लगा आजकल हूँ इधर Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल जुदाई का मंज़र, वो रुलाती हुई रात नहीं भूले,इश्क़ में हारा हुआ दिल,अभी कल की बात है। उरूज पर हमारी Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 05/06/202605/06/2026 0 Comments ग़ज़ल जिसकी ख़ुशबू से महकती है मरी ज़ात अब भी,मेरी पोरों में उसी लम्स की थकन आज भी है। देख कर Read More
गीतिका/ग़ज़ल हेमंत सिंह कुशवाह 03/06/202628/05/2026 0 Comments ग़ज़ल ज़माने से थककर जो लौटे हैं घर को,उन्हें क्या ख़बर, घर भी बदलते होंगे। जो घरों से ही थककर निकलते Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 03/06/202603/06/2026 0 Comments ग़ज़ल जिनको समझा रहबर वही रहज़न निकले,राह-ए-मंज़िल में जो काँटे ही बिछा देते हैं। देखिए दहर की बे-मेहर ओ जफ़ा की Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 03/06/202603/06/2026 0 Comments ग़ज़ल राज़-ए-दिल अपना जो ग़ैरों को बता देते हैंवो तो हंसते हैं, मगर अपनों को रुला देते हैं हम समझे थे Read More
गीतिका/ग़ज़ल नमिता राकेश 01/06/202630/05/2026 0 Comments ग़ज़ल सामान पहले कीजिए मुस्कान के लिएथोड़ी मिठाई पेश है प्रधान के लिए चेहरे पे इक हसीन सी मुस्कान के लिएबज़्म-ए-तरब Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह 01/06/202601/06/2026 0 Comments गुज़री हुई वो रात झुक कर ज़रा वो मस्त निगाहें मिला के ला,साग़र में अक्स-ए-ज़ुल्फ़ का जादू जगा के ला। कहते हैं बज़्म-ए-शौक़ में Read More
गीतिका/ग़ज़ल डॉ. शैलेश शुक्ला 01/06/202607/05/2026 0 Comments गज़ल वो तो हमें खुद से जुदा बताए बैठे हैंहम उन्हें दिल का खुदा बनाए बैठे हैं। वो मिलें या न Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सतीश बंसल 30/05/202631/05/2026 0 Comments ग़ज़ल बेमतलब की हल्की बातें हंकी फंकी चालू रखअच्छे दिन के ढोल बजाकर काल कलंकी चालू रख नैतिकता ईमान धरम के Read More