चकल्लस
चलो एक बार फिर, पलटी मारेंअपनी बिगड़ी, किस्मत संवारेंचलो एक बार फिर, पलटी मारेंचलो एक बार फिर, पलटी मारें।। सब
Read Moreपांच सौ वर्षों से, भी अधिक काइंतजार आखिर , खत्म हुआअयोध्या सज गयी, दुल्हन जैसीश्री राम जी का, आगमन हुआ।।
Read Moreघर-घर मंगल दीप सजे है,तोरन बंदनवार लगे है।आ गये श्री राम लला जी,प्रभु करते है सबका भला। आज उमंगित हैं
Read Moreखूब सजी है नगरी अयोध्या बीच मेरे राम दा डेरा वे माईया हो चौर झुलावे हनुमत प्यारे चरण धुलावे लखन
Read Moreजीवन का तो अंत सुनिश्चित,मुक्तिधाम यह कहता है। जीवन तो बस चार दिनों का,नाम ही बाक़ी रहता है।। रीति,नीति से
Read Moreटुकड़े है मेरे दिल के इन्हे आकर उठा लो,मझधार में है नैया मुझे कान्हा बचा लो।मेरी सांसे तेरी रियामत है,जिंदगी
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