रोला छंद
बाहर निकलो आप, कहाँ हो फंसे अतीत।तुमको तो है ज्ञान, व्यर्थ है इससे प्रीत।।कहें मित्र यमराज, बहुत है दुख ये
Read Moreलोग कहते हैं तो कहने दोवो तो कहेंगे ही,बस! आप ध्यान मत दो, उनको कहने दो,क्योंकि लोगों का काम ही
Read Moreएक शाम अलसायी सी,मन में महिमा मुस्कायी सी।डगमग डोल रही डाली से,क्षण-क्षण में मुरझाई सी। कभी गजरा बन इठलाती है,प्रभु-पद
Read Moreबारिश, चाय और ढेर सारी वो बेमतलब बातें,कभी -कभी बहुत याद आती हैं वो मुलाकातें। तुम अगर कहते तो हम
Read Moreदिवस मित्रता आप मनाएं। रिश्ते की सब लाज बचाएं।।लोभ लालसा मन मत लाएं।मित्र -मित्रता के गुण गाएं।। मित्र सदा मन को
Read Moreचरणों में बैठकर भीख मांगने वाले,क्रोध तुम्हें शोभा नहीं देता,तुम एक निश्चित समय तककाम करने वाले होनहीं हो किसी के
Read Moreनो बीमा, नो पेट्रोल, सड़कों पे फिर कैसा रोल?नियम सबके लिए हैं, क्यों हों उनमें कोई होल?वाहन ले निकल पड़े
Read Moreमेहनत से मत भागोजीवन को एक यात्रा मानकरहर कदम हौंसला रखनाटूटना नहीं तुमखड़े रहना हैहर हालातों मेंलड़खड़ाना नहींएक मजबूत इरादों
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