कविता

तिरंगा हमारी है शान

तिरंगा हमारी आन बान शान तिरंगे हिन्द की है एक पहचान जब जब आया गुलामी की दौर हम ने थामा तिरंगें की सिरमोर हम हैं आजादी के पागल दीवाने तीन रंगों से रंगे हम वीर परवाने हरा हमारी धरातल की हरियाली केसरिया बल बरसाने        वाली तिरंगा लेकर जब चलते हिन्द मतवाले दुश्मन […]

कविता

आजादी का झंडा

आजादी के झंडे को हम , आत्मविश्वास से फहराएंगे , जीवन की उपलब्धियों को हम , देश के नाम कराएंगे , संविधान के अनुच्छेदों को , शब्द-शब्द हम देश के काम आएंगे , आजादी के लहू को हम , जीवन भर याद रखेंगे , 26 जनवरी को शपथ ग्रहण कर , सविधान की लाज बचायेंगे […]

कविता

सब कुछ कुर्बान कर आये

मेरे भाई कलाई के राखी की, लाज काहे तुम रख नही पाये। भाभी को  देकर  सिंदूर  दान, दान सिंदूर का कर तुम आये। पापा के बहते आँसू पत्थर हो, हृदय को तो वो छय कर जाये। माँ तो फिर बस माँ होती भाई, कोख सुनी कर क्यूँ चले आये। मुनिया के गुड़िया  की  चूनरी, लेकर […]

कविता

माँ ममता की प्रतिमूर्ति हैं

माँ बहुत पवित्र एक नाम है माँ के चरणों में ही चारों धाम है, माँ ममता की प्रति मूर्ति है माँ जीवन में मधुमास लाती। माँ ने जन्म दिया है हमको मांँ की कोख में जीवन पाया, माँ ने जब भी हमको रोता पाया माँ ने ही हमको चुप कराया। खेल-खेल में हमें पढ़ाया भले […]

कविता

कविता

तुम काबिल बनो इतने कि ढलती उम्र के तकाज़ों में तुम गर्व का अनुभव करो। जो सपने तुम्हारी आँखें देखें, उन्हें पूरा करने को कई रातें जाग कर भी उनकी कीमत तुम भरो। जो बात तुम्हारे बाबा कहें, उन्हें सच करने की हर मुमकिन कोशिश तुम करो। जो तुम्हारी खामियों को कमजोर कर दें, उस […]

कविता

गणतंत्र दिवस

आजादी को हासिल करके , आज के दिन , भारत को गणराज्य बनाया था। 26 जनवरी 1950 को, देश भारत ने , संविधान पारित कर संविधान लागू करवाया था।। आजादी को हासिल करके, भारत को गणराज्य बनाया था। राष्ट्र का यह पर्व , राष्ट्र के साथ भाईचारे से , हर हिंदुस्तानी ने मनाया था।। संविधान […]

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अभी कमाने की तुम्हारी उम्र नहीं

पढ़ –  लिख कर नाम कमाओ! बेटा! अभी कमाने की तुम्हारी उम्र नहीं, महाराणा प्रताप के शौर्य की कहानियांँ सुन लो! बच्चा! अभी कमाने की तुम्हारी उम्र नहीं, गुरु के वचनों को ध्यान से सुन कर कंठस्थ कर लो! बचवा! फिर न विद्यार्थी जीवन आएगा, क्रोध , मद , लोभ त्यागो ! बेटा! अभी कमाने […]

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अट्टाहस

सुबह हुई अब शाम हुई प्रभु तुँ है क्यूॅ अब तक अनजान गद्दारी की भाषा से चुभ रही है घायल मन हुआ अपना हिन्दुस्तान दुश्मन की भाषा का है यहाँ शोर छुप रहा है राष्ट्रभक्ति का सिरमोर टी वी पर छिड़ा है जहाँ विवाद किस किस से करें अब   फरियाद भारत की छवि धूमिल करने […]

कविता

मुसकराहट

मुसकराहट आप की हमें – मीठी मीठी सी लगती है बिना आप के यिह दुनिया – हमें अधूरी सी लगती है खोना चाहते नही हम आप को – किसी भी हालत में बिना आप के साँस भी हमारी – टूटी टूटी सी लगती है — समझौते की ज़नजीरों में – कुछ अैसे बंध गैए हैं […]

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सतत उपेक्षा

क्या होगा यदि किसी को उपेक्षित किया जाये हर बार? पहली बार में सूखेंगे आँसू उसके, दूसरी बार में वेदना संस्मरित होगी, तीसरी बार में फिर सूख जायेंगे मन के भाव।। उपेक्षा विरक्ति की जन्मदात्री है। जितना व्यक्ति उपेक्षित होता है, उतना ही वो पृथक करता जाता है स्वयं को स्वयं ही। यदि वास्तव में […]