अब हुंकार भरेगी जनता
प्रशासन में बैठे कर्णधारों,वंचितों के हक़ की बातों पर खामोश क्यों हो?सिंहासन की अंधी गलियों में खोए हो,जनता के इस
Read Moreप्रशासन में बैठे कर्णधारों,वंचितों के हक़ की बातों पर खामोश क्यों हो?सिंहासन की अंधी गलियों में खोए हो,जनता के इस
Read Moreजिंदगी को सरलता से भीहम जी सकते हैंबिना तड़क-भड़क केसादगी में भी रह सकते हैंबिना अकड़ के भी लोगजिंदगी को
Read Moreलोगों का मुँह बंद कराने में,क्यों अपनी ऊर्जा गँवाते हो?कुछ बातें अनसुनी करके देखो,क्यों व्यर्थ दिल को दुखाते हो? हर
Read Moreनशीली नज़र उसकी मेरी जानिब,मैं मुस्कुराया था,एक हादसा था हुआ, लोगों इसमें तुम्हारा क्या है।उसको है मुहब्बत,मुझसे, मैं भी उससे
Read Moreदिनकर ने दे दिया सबेरा,उम्मीदों का नया बसेरा,दुकानों के तख्ते जो बंद थेवह एक एक कर खुलने लगे हैं,चाय की
Read Moreएक मेले की रौनकबड़ी-बड़ी दुकानों सेनहीं सजती हैमेले मेंगुब्बारेवाला न होखिलौनेवाला न आयेचाटवाला न आयेचूड़ीवाला न आयेझूले न आयेजलेबीवाला न
Read Moreजहाँ प्रयत्नों की ऊँचाई,आसमान छू जाती है,वहाँ किस्मत भी झुककर,राह बनाने आती है।जो ठान लेता है मन में,मंज़िल को पाने
Read Moreवो पुराना-सा स्कूटर,आज भी आँगन में खड़ा है,जैसे बीते हुए कल काकोई किस्सा बनकर खड़ा है। कितनी राहों का साथी
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