बालकविता – इंद्रधनुष 🌈
सात रंग की पाँती सोहे। वक्र,गगन में दृग मन मोहे।। यह शुचि इंद्रधनुष कहलाता। हम सबका वह मन बहलाता। सुबह
Read Moreसात रंग की पाँती सोहे। वक्र,गगन में दृग मन मोहे।। यह शुचि इंद्रधनुष कहलाता। हम सबका वह मन बहलाता। सुबह
Read Moreआओ अपने तन मन से, दूर सभी हम रोग करें । आओ मिलकर योग करें, स्वास्थ्य हमारा अच्छा हो, तो
Read Moreरेल आयी,रेल आयीछुक छुक,छुक छुक रेल आयीअंश,लीची,रिया,प्राची आओ आओ,जल्दी जल्दीदेखो लाल बत्ती जली हैं रेलगाड़ी स्टेशन पर रुकी हैंना करो तुम धक्कम धक्कीझटपट
Read Moreवल प्रात की नई किरण ने, छटा विकट फहराई, दूर हो गया तम तुरंत ही , नई सुबह है आईं
Read Moreकोरोना आया कोरोना आया, ऑनलाइन शिक्षा की नीति लाया, स्कूल जाना बंद करवाया, हर बच्चों के हाथ में फोन पकड़ाया,
Read Moreपकड़म पकड़ाई,छुपम छुपाई खूब करेंगे धमाल हम सब यार खुल जायेगा जब लॉक डाउन लगेंगे मेले,सजेंगे खेल मैदान प्रिय मित्रों
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