चांदनी रात में, पिय के साथ में
गोरी घूंघट में हंसत, बदरी ओट मयंकछत पर छतरी तानकर, बालम लगें निशंकबालम लगें निशंक, अंक में रहि-रहि खींचेंनिरखत रंक
Read Moreगोरी घूंघट में हंसत, बदरी ओट मयंकछत पर छतरी तानकर, बालम लगें निशंकबालम लगें निशंक, अंक में रहि-रहि खींचेंनिरखत रंक
Read Moreमाया में हर जन फँसा, बना हुआ है हीन।ठगनी उसको ठग रही, और संग में दीन।।और संग में दीन, कौन
Read Moreरवि किरणों का ताप, धूप झुलसाती। पशु पक्षी बेहाल, प्यास तरसाती।। लू से बचना आप, छाँस हैं पीना। बरगद की
Read Moreशोले बरसें गगन से,भट्ठी बनी जमीनमट्ठा, लस्सी, शीतरस, सत्तू हुए कुलीनसत्तू हुए कुलीन, गरम हो रही हवाएंखुद को पालनहार, समझने
Read Moreज्ञानी मुझको मानना, कहाँ बड़ा अपराध।सबको ये अधिकार है, मन चाहा ले साध।।मन चाहा ले साध, फ़र्क कब मुझको पड़ता।कब
Read Moreहर्षित मन मेरा सभी, करें नमन स्वीकार।बस आशीषों के सिवा, और नहीं दरकार।।और नहीं दरकार, मिले वो जिससे वंचित।जीवन का
Read Moreकैसा इनका हाल, आप हम सब ही जानें।बात अलग है और, नहीं सरकारें मानें।।नहीं सरकारें मानें, राम कहानी इनकी।भरते सबका
Read Moreअमरित हिय धारा, जीवन तारा, नेह फुलोरा, सुख दाता।। ईश्वर प्रतिरूपा, शक्ति स्वरूपा, छत्र अनूपा, प्रिय माता।। आँचल शुचि छाया,
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