हो गए
आलम तो चमचागीरी का भी देखिए जनाब,मिलते ही उनसे मियां चारपाई हो गए। कल तक नयन में शूल जैसे धॅंस
Read Moreयाद मुझकों मोहब्बत के वो ज़माने आए।आज हाथों में मेरे, ख़त वो तेरे पुराने आए |हम न होंगे तो फिर
Read Moreबिछड़ने का गम साफ़ था उसकी नज़रों में,मुझसे कह रहा था कि मैं बेक़रार थोड़ी हूं । तमाम उम्र मैंने
Read Moreजिंदगी को सही मायने में जिंदगी बनाने के लिए,रिश्तों का गणित समझ में आना बेहद जरूरी है! रिश्तों की पाठशाला
Read Moreसब्र करते करते कितने ही बरस बीत गए।आज़ाद हैं हम ! गाए कितने ही गीत गए। लहू देख अपनों का…
Read Moreहम हो गए हैं नाटक के किरदार की तरहपढ़ते हैं लोग हमको भी अखबार की तरह बजती नहीं है तालियां
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