गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 11/06/202611/06/2026 ग़ज़ल शेर हैं तो शेर जैसा कीजिएकायरों से यूँ न दहला कीजिए प्यार को ऐसे न रुसवा कीजिएभूल कर भी दिल Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 08/06/202608/06/2026 ग़ज़ल दे रहे किसको ये धोखा बताओ, अंधों कोनाज़ कुछ ज़्यादा ही है पुते हुए चेहरों को शहर में बिकने लगी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. भगवत स्वरूप 'शुभम' 08/06/202608/06/2026 दोहा गीतिका – ब्याह हुआ दुल्हन नई ब्याह हुआ दुल्हन नई,प्रिय लगती ससुराल।मात-पिता बैरी लगें, घर में करें बवाल।। बिगड़ गए हैं आज के, बेटे करें कुसंग,सुरापान Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/06/202607/06/2026 ग़ज़ल टूटने के कगार पर है येदिल रहे शाद यार पर है ये इक यही पेड़ है कि सूख रहाजबकि बगिया Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 07/06/202607/06/2026 ग़ज़ल आदमी का स्वभाव होता हैसोचता है तनाव होता है दर्द को भी बुलन्दतर करताजो गहनतर लगाव होता है नर्म दिल Read More
गीतिका/ग़ज़ल वाई. वेद प्रकाश 07/06/202607/06/2026 ग़ज़ल हर तरफ फैला हुआ झूठ का व्यापार है।बेबसी में डूबता हर आदमी लाचार है।जो तुम्हारी बाजुओं को दे रहा ताकत Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. मनोज श्रीवास्तव 06/06/202606/06/2026 ग़ज़ल जब उसने तय कर रखा है किसको कब ले जाना हैजाना सबको ही पड़ता है उसका हर खेल पुराना है Read More
गीतिका/ग़ज़ल संजय एम. तराणेकर 06/06/202606/06/2026 ग़ज़ल जब मुझे रिश्तों की धूप छाँव में जीना पड़ा,हर मोड़ पर किसी न किसी को खोना पड़ा। उम्र भर जिस Read More
गीतिका/ग़ज़ल *अशोक दर्द 05/06/202605/06/2026 गजल जहरीली हवा घुटती जिंदगानी दोस्तों ।यही है नये दौर की कहानी दोस्तों ।। पर्वतों पे देखो कितने बांध बन गये Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 05/06/202605/06/2026 ग़ज़ल मन का यारो चहा न हो पायाआदमी देवता न हो पाया उसकी फितरत में बे वफाई थीउम्र भर बा वफ़ा Read More