गीतिका/ग़ज़ल *भरत मल्होत्रा 19/05/202619/05/2026 ग़ज़ल निराश न हो, हिम्मत न हार, कदम बढ़ा धीरे धीरेमंज़िल कितनी भी दूर सही तू चलता जा धीरे धीरे मैंने Read More
गीतिका/ग़ज़ल कालिका प्रसाद सेमवाल 19/05/202619/05/2026 ज़िंदगी आजकल मानवता नहीं है इंसान की जिंदगी में,आज़माने लगी ज़िंदगी आजकल। सम्मान देते नहीं माँ, पिता को कुछ,दिल दुखाने लगी ज़िंदगी Read More
गीतिका/ग़ज़ल *हमीद कानपुरी 17/05/202617/05/2026 ग़ज़ल उल्फ़तों को उछाल दे या रबनफ़रतों को ज़वाल दे या रब तम से मुझको निकाल दे या रबरौशनी की मशाल दे या रब जाह दे दे जलाल दे या रबअपने रस्ते पे डाल दे Read More
गीतिका/ग़ज़ल साधना सिंह 17/05/202617/05/2026 ग़ज़ल देखकर मंदिर शिवाला सिर झुकाती हूँ मगरआज ये हालात है कुछ मांग मैं, पाती नहींजिस जगह इज्ज़त मिली सजदे किये Read More
गीतिका/ग़ज़ल *सुधीर श्रीवास्तव 17/05/202630/05/2026 ग़ज़ल माना जीवन बड़ा सरल है। कुछ लोगों से बना गरल है।। अपने तो सब बेगाने हैं,इसका अब आज कहाँ हल है। Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. मनोज श्रीवास्तव 17/05/202617/05/2026 ग़ज़ल आप तो क्या कमाल लिखते होजिंदगी के सवाल लिखते हो कहते हो कुछ नहीं लिखा हमनेफिर भी तो पूरा हाल Read More
गीतिका/ग़ज़ल केशव शरण 15/05/202615/05/2026 ग़ज़ल कुछ नया देखने इधर आयापर तमाशा वही नज़र आया कुछ नहीं है सिवाय वीरानासोचता हूँ कि मैं किधर आया भेंट Read More
गीतिका/ग़ज़ल *डॉ. डी एम मिश्र 14/05/202614/05/2026 ग़ज़ल बोलने से लोग घबराने लगेसोचकर नुक़सान डर जाने लगे पीठ पीछे खूब दम भरते रहेसामने आने से कतराने लगे कल Read More
गीतिका/ग़ज़ल *जयकृष्ण चाँडक 'जय' 14/05/202614/05/2026 ग़ज़ल बात दिल की कभी कही ही नहीं,जंग खुद से कभी लड़ी ही नहीं। आँख रक्खी है खोलकर तो क्या,रूह तो Read More
गीतिका/ग़ज़ल *प्रीती श्रीवास्तव 14/05/202614/05/2026 ग़ज़ल रहते हैं मुहब्बत से तमाशा नहीं करते।खुश रहते हैं हर हाल में दिखावा नहीं करते।। तक़दीर बदल लेते हैं कर्मों Read More