ग़ज़ल
तू जो मुझसे मिली नहीं होती।अपनों से दुश्मनी नहीं होती।। ढूंढ लेता कोई सनम दूजा।तुझसे जो दिल्लगी नहीं होती।। मुस्कुरा
Read Moreलोग भूल जाते हैं एहसान,जब खड़ा हो जाता है मकान। जिनके दर पे झुके थे हम कभी,आज वही लगते हैं
Read Moreप्यार के गीत जब गुनगुनाओगे तुम ,उस पल खार से प्यार पाओगे तुमप्यार दौलत से मिलता नहीं है कभी ,प्यार
Read Moreबदलते बक्त में मुझको दिखे बदले हुए चेहरेमाँ का एक सा चेहरा , मेरे मन में पसर जाता नहीं देखा
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