कंगाल होते रिश्ते
रिश्तों में अब न पहले-सा वो एहसास है,हर शख़्स के लहजे में स्वार्थ का लिबास है। मिलते हैं मुस्कुरा के
Read Moreरिश्तों में अब न पहले-सा वो एहसास है,हर शख़्स के लहजे में स्वार्थ का लिबास है। मिलते हैं मुस्कुरा के
Read Moreख़्वाब पलकों पे सजाएँ तो सँवर जाते हैंहम तो ख़ुशबू की तरह हद से गुज़र जाते हैं।यह जो मुँठी में
Read Moreशुरू हो गया आजकल, एक नया ही काम,खाली बैठे थक गये, कितना करें आराम? होती बातें प्यार की, जो हफ्ते
Read Moreआंखों में रहे अश्क़ जज़्बात ने रुकने न दियाबात थी मेरी ज़ुबाँ पर, लबों ने हिलने न दियाबस इक लम्हा
Read More