सागर-महासागर बन जाएं
छोटी-छोटी खुशी से ही ‘गर हम खुश हो जाएं, खुशियों का भंडार भर जाए, जीवन संवर जाए! छोटी-छोटी बातों-मुलाकातों पर
Read Moreछोटी-छोटी खुशी से ही ‘गर हम खुश हो जाएं, खुशियों का भंडार भर जाए, जीवन संवर जाए! छोटी-छोटी बातों-मुलाकातों पर
Read Moreनशा नाश का कारण होता, तन-मन-धन का करता नाश, आत्मा तक भी बिक जाती है, परिवार का सत्यानाश! मोबाइल भी
Read Moreमन करता है जय भारत, जय-जय भारत मैं गाऊं, जय भारत, जय भारत गा, गणतंत्र दिवस मैं मनाऊं. उठते-बैठते, सोते-जागते
Read More“जय हिंद” केवल नारा नहीं है, “जय हिंद” में है हिंदुस्तान, “जय हिंद” है वीरों की शक्ति, “जय हिंद” है
Read Moreहार को ही उपहार बना लो, तमस को उजियार बना लो, ढूंढने से आनंद मिलेगा न कहीं, आनंद को जीने
Read Moreरहते सूरज इतनी दूर। फिर भी दें गर्मी भरपूर।। देर नहीं पल की भी करते। अंबर में तुम नित्य विचरते।।
Read Moreसुबह शाम पड़ती है भैया ठंड कड़ाके की। और रात की ठंडक तो है, धूम धड़ाके की। सुबह-सुबह की हालत
Read Moreनई उमंगे सँग में लेकर नव प्रभात अब आया है। बुरा समय अब बीत गया है नई किरण इक आई
Read Moreशीतकाल सौगातें लाया। ठंडी ऋतु का मौसम भाया।। छोटे दिन की लंबी रातें। अगियाने पर होतीं बातें।। गरम रजाई ने
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