दर्पण में दरार: कुंडलिया छंदों में समाज का अनछुआ सच
डॉ. सत्यवान सौरभ का काव्य-संग्रह “दर्पण में दरार” हिंदी साहित्य में कुंडलिया छंद का एक सशक्त और समकालीन प्रयोग है।
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Read Moreस्वाध्याय की ओर प्रेरित करती एक विचारोत्तेजक पुस्तक आज की प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा प्रणाली में ट्यूशन का चलन एक आवश्यकता बनता
Read Moreप्रियंका सौरभ का यह काव्य संग्रह ‘चूल्हे से चाँद तक’ केवल कविता नहीं, स्त्री आत्मा की यात्रा है। यह वह
Read Moreप्रेम की सबसे सच्ची परीक्षा तब होती है जब वह समय, समाज और सत्ता की सख्त दीवारों से टकराता है।
Read More“मौन की मुस्कान” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, एक स्त्री की आत्मा से निकली आवाज़ है। प्रियंका सौरभ की रचनाएँ
Read More“काग़ज़ की नाव” एक सजीव और संवेदनशील बाल काव्य संग्रह है जो बच्चों की सरल और मासूम दुनिया को खूबसूरती
Read Moreवैसे तो प्रस्तुत ‘एकांकृति’ युवा कवयित्री अर्तिका श्रीवास्तव का प्रथम काव्य संग्रह है। कंप्यूटर साइंस में बी-टेक और एम. बी.
Read Moreबाल मन को समझना इतना आसान नहीं होता, जितना हम आप मान लेते हैं, बाल मनोविज्ञान को समझने के लिए
Read Moreलेखिका हिमाद्री “समर्थ” का कहानी संग्रह “और भी है मंजिलें” उनकी नोवीं पुस्तक है जिसे उन्होंने अपने सास ससुर को
Read Moreयुवा कवियित्री अमिता गुप्ता ‘नव्या’ का एकल काव्य संग्रह ‘भावों का समंदर’ एक सुखद अनुभूति कराने जैसा है। लेखिका की
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