व्यंग- आम लोगों का गिरना
कुछ दिन पहले रात को बाइक से घर लौट रहा था, सड़क के गड्ढे में गिरकर सिर फूट गया। अब घर
Read Moreकुछ दिन पहले रात को बाइक से घर लौट रहा था, सड़क के गड्ढे में गिरकर सिर फूट गया। अब घर
Read Moreकौन कहता है कि यह कलयुग है? जी नहीं ,आपके कलों के युग कलयुग को प्लस्टिक ने अपने आगोश में
Read Moreभारतीय लोकतंत्र काफी आगे बढ़ चुका है। कुर्सी प्रधान राजनीति में कुर्सी की खींचतान जारी है। कुर्सी का सपना देखना
Read Moreआज दुनिया ‘शॉर्टकट के सिद्धांत’ पर चल रही है। दिनोंदिन व्यस्त होते लोगों को कतार में खड़े रहना पसंद नहीं
Read Moreवो एक समाजसेवी थे, समाजसेवी के साथ पशु प्रेमी भी जुड़ा है, उनका समाजसेवा बड़े-बड़े बैनर पोस्टर और समाचार के हेडलाइंस पर
Read Moreनेताजी का चुनाव चल रहा था भाषणबाजी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा था, नेताजी अपने निर्वाचन क्षेत्र में जगह-जगह
Read Moreआपका तो मुझे नहीं पता …! लेकिन हमें हमारे शिक्षकों ने बचपन में पढ़ाया था कि “रामचंद्र कह गये सिया
Read Moreकहते हैं मनुष्य के दिमाग में एक कीड़ा होता है, जो समय-बेसमय पर उसे काटता रहता है। उस दिन कीड़े
Read Moreदिल में आया कि आपको फोन करके नववर्ष की शुभकामना दूं। तभी दूसरा प्रश्न दक्ष हो गया कि आपने मुझे
Read Moreआजकल देश को सही मायने में विशुद्ध लोकतांत्रिक बनाने के लिए ढेलेबाजी की जरूरत महसूस की जा रही है, ऐसा
Read More