कविता

नया साल नया दौर

जीवन के रंग मे खुशियों के संग मे , सुबह की लाली, घटा शाम की तन्हाई मे , हरे-भरे पेड़ों पर ,चिड़िया चहकती रहें , खेत-खलिहानों में,फसल लहलहाती रहे , नयी रोशनी में , नये  जीवन की शुरुआत हो , सबको जीने की नई दिशा, नयी राह मिले। गाँव मे खुशियों की, नयी सौगात हो […]

कविता

दीपावली आयी है 

दीपो का दिवाली आयी है , दीप जगमगाते दिवाली आयी है , मीठे मीठे मिष्ठान लेकर आयी है , लाल, पीले, हरे , नारंगी लेकर आयी है , धरती के मिट्टी से दीप जलाएंगे , दुनिया मे प्रेम का मिलन कराएंगे , चक-मक दीपों का त्यौहार आयी है , दीपों का पर्व दीपावली आयी है […]

कविता

बहुत याद आता है

तुम्हारा मुझे एक टक निहारना मुझें बहुत याद आता है , तुम्हारा दुपट्टे में मुँह छिपा कर मुस्कुराना , मुझें बहुत याद आता है , नित्य नये-नये खत लिख कर देना , मुझें बहुत याद आता है , ऊपर से  गुस्सा होना और भीतर ही भीतर मुझें दिल से मानना , मुझें बहुत याद आता […]

पद्य साहित्य

राष्ट्रीय आँचलिक की बिहार इकाई का उद्घाटन समारोह

भारत की साहित्यिक निस्वार्थ राष्ट्रीय संस्था “राष्ट्रीय आँचलिक साहित्य संस्थान” का बिहार इकाई का उद्घाटन समारोह मे संस्था के सभी सम्मानित पदाधिकारी उपस्थित होकर चार चाँद लगा दिए ! जिसमें बिहार इकाई की अध्यक्ष बबिता सिंह जी के द्वारा पूरी व्यवस्था किया गया तथा उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष/संस्थापक नवलपाल प्रभाकर ‘दिनकर’ जी के कर कमलों द्वारा […]

कविता

हिंदी मेरी भाषा

हिंदी मेरी मातृभाषा , हिंदी मेरी जान ! हिंदी के हम कर्मयोगी , हिंदी मेरी पहचान , हिंदी मेरी जन्मभूमि , हिंदी हमारी मान , हम हिंदी कि सेवा करते है , हम जान उसी पे लुटाते है ! हिंदी हमारी मातृभाषा , हिंदी हमारी जान ! है वतन हम हिंदुस्तान के , भारत मेरी […]

कविता

माखन के चोर

माखन के चोर , गोपियों की नैनो के मोर, तूने कैसा खेल किया , दुनिया सारी तुम्हारे है ओर , मीरा तुम्हारी दीवानी , राधा तुम्हारी दीवानी , दुनिया तुम्हारे दीवाने , तेरे हाथों युग बना घनगोर, कहीं जन्मा तू , कहीं पला तू , कहीं खेला तू , कहीं रहा तू , तेरे रूप […]

कविता

आया रक्षा बंधन

आया जी आया रक्षा बंधन का त्यौहार , भाई – बहनों के प्यार का त्यौहार आया , जीवन के जन्मों-जन्मों का साथ लेकर आया , बहना भाई के जीवन की रक्षा का मनुहार लेकर आया , आया रे आया रक्षा बंधन का त्यौहार लेकर आया संसार के हर दुखों से भाई की रक्षा का वचन […]

कविता

प्रेम

प्रेम में  है जीवन की हर खुशियाँ यहाँ , प्रेम में है जीवन की हर दुनियाँ यहाँ , प्रेम में  है जीवन की हर रुसवाईयाँ , प्रेम में है जीवन की हर रंगरेलियाँ , प्रेम में  है जीवन की  परिकल्पना , प्रेम में शामिल है  हर आत्मा  , प्रेम में  है  हर दीवानगी, प्रेम मे […]

कविता

यादें जीवन की

(अभिनेता सुशांत सिंह की आत्महत्या पे) इतनी-सी क्या देर हो गई तुझे , तुम्हें आए कितना दिन हुआ , ऐसे कोई थोड़े जाता है भला क्या , ये जिंदगी कोई खेल थोड़े है , चौतीस यैवन देख चुके तुम , क्या इतना ही ज्यादा हो गई , इस छोटी-सी जिंदगी मे , जीवन क्यों मजबूर […]

कविता

हे ईश्वर ! अब दया करो

हे ईश्वर ! अब दया करो , तुम मुझे जन्म दिये हो , मै तेरा अनबुझ बालक हूं , तेरे द्वार मै आया हूं , हे ईश्वर ! अब दया करो , तुम मेरे दुखों को हरते , तुम मेरे सुखों को देते , तुम्हीं मेरे पालनहारी हो , हे ईश्वर ! अब दया करो […]