कविता

हमारी पढ़ाई

हमारी पढ़ाई
किस काम आई
हमने पैसे कमाए
झूठ चोरी ईमानदारी बेईमानी
सब किया
लेकिन पढ़ाई का मूल भूल गए
कि ! जो नहीं पढ़ा उसे पढ़ाएं
शायद हम पढ़े लिखे लोग
वास्तव में खुद ही नहीं पढ़ पाये
सवाल वही
हमारी पढ़ाई
किस काम आई.…

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2 thoughts on “हमारी पढ़ाई

  • गुरमेल सिंह भमरा लंदन

    अच्छी कविता , पड़ाई सिर्फ पैसे कमाने के लिए हो रही है , इस के सिवा इस का कोई महत्त्व नहीं रह गिया . स्टीफन हौकिंज़ एक जगह अपनी वील चेअर में फिक्स है , न बोल सकता है न चल सकता है , ना खुद अपने आप खा पी सकता है लेकिन दुनीआं का फेमस सएंटिस्ट है . जो वोह दुनीआं को दे रहा है वोह ही असली धन है .

  • विजय कुमार सिंघल

    बढ़िया. हम पढ़ाई का महत्त्व जाने बिना ही पढ़ते हैं. इसीलिए वह किसी काम नहीं आती.

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