कविता

याद किए जायेंगे

बहुत दिनों से सोच रहा हूं
मैं भी एक राजनीतिक पार्टी बना लूं
सबसे ईमानदार मुख्यमंत्री भैया को
अपना राजनीतिक गुरु बनाकर
उन्हीं की पार्टी से गठबंधन भी कर लूं।
सरकार बनी तो मंत्री बन ही जाऊंगा।
फिर तो अपने भी वारे न्यारे होंगे
लालबत्ती के साथ भ्रष्टाचार, घोटाले दोनों हाथ करेंगे।
वैसे तो मुझे जैसे ईमानदार कभी पकड़ में नहीं आयेंगे
पकड़ गए तो भी गम नहीं
तिहाड़ जाकर भी मंत्री पद की सुख सुविधा
और भौकाल से लुत्फ उठाएंगे
भैया मुख्यमंत्री होंगे, वे थोड़ी हटायेंगे।
उनकी छत्रछाया में रहकर राजनीति के
सारे दांवपेंच भी सीख ही जायेंगे।
सुख से जीवन जीने के सब हथकंडे सीख जाएंगे
अपनी तीन पीढ़ियों की सुख सुविधा का इंतजाम
काली कमाई से तो कर पायेंगे।
हर चुनाव में किसी न किसी से गठबंधन कर
विधानसभा तो पहुंच ही जायेंगे
फिर भ्रष्टाचार घोटाले न किए तो भी
सूकून से जीवन बिताने के इंतजाम हो ही जायेंगे।
कम से कम चुनाव में भौकाल से
गठबंधन की मेज पर कुर्सी और
मरने पर राजकीय सम्मान तो पायेंगे,
अपनी बिरादरी में मरकर भी याद किए जायेंगे।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921