गीत/नवगीत

गीत

टूट गई उम्मीदें बस बचा हुआ ये दिल है
हम तो है तन्हा तन्हा और भरी महफिल है

आगाज दर्दों का इस कदर छाया है
कोहरें बनी है पलकें आंसू मोती की माला है
छुपी हुई बातें शब्दों के संगदिल है
हम तो है,,,,,,,,,,,

नाराज जिंदगी ने हंसना सिखा दिया
गैरों की खुदगर्जी ने जीना सिखा दिया
बीच भंवर में फंसे हुए हैं अब तो निकलना मुश्किल है ।
हम तो है,,,,,,,,,

— वीणा चौबे

वीणा चौबे

हरदा जिला हरदा म.प्र.