कविता

होली

होली का त्यौहार आया,

मन कहीं उमंगें लाया,

जीवन में रंग भरने आया,

खुशियों की सौगत लाया,

घर ,आँगन में गुलाब उड़ता,

हर घर रंगों से रंग बिरंगा दिखता,

हुरियारों की देखो टोली आई,

सबको होली के रंग में रगतीं आई,

 प्रेम और उमंग का पर्व आया,

सबका मन देखो कैसा हर्षाया,

राधा सँग कृष्ण होली खेलते,

प्रकृति के अलग नजारे दिखते,

आओ  मिलजुलकर पर्व मानते ,

होली के रंग में सब रंग जाते,

भेदभाव मिटाकर सबको गले लगाते,

फागुन की मस्ती में सब मस्त हो जाते[….]

— पूनम गुप्ता

पूनम गुप्ता

मेरी तीन कविताये बुक में प्रकाशित हो चुकी है भोपाल मध्यप्रदेश