हाथों की जुंबिश
मेरे आंगन में बरसने वाली बरसाते अब कहीं और बरसती हैमेरे हिस्से की शबनम अब किसी और को भिगोती है
Read Moreमेरे आंगन में बरसने वाली बरसाते अब कहीं और बरसती हैमेरे हिस्से की शबनम अब किसी और को भिगोती है
Read Moreशीतल हवापत्तों की सरगम मेंमन मुस्काए नीला गगनसपनों को देता हैअनंत दिशा नदी की धुनबहती हुई कहतीछोड़ो विषाद हरी घास
Read Moreआज सामाजिक न्याय केवल एक आदर्श वाक्य नहीं रहा — यह वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता, नीति तथा समावेशी
Read Moreकृत्रिम मेधा (एआई) का युग केवल तकनीकी परिवर्तन का दौर नहीं है; यह वैश्विक शक्ति-संतुलन के पुनर्निर्माण का समय भी
Read Moreफायकू – सतगुरु देव सतगुरु केवल शब्द नहीं जीवन आधार है तुम्हारे लिए। जिसने जानी सतगुरु माया उसकी बदली काया तुम्हारे लिए। सतगुरु केवल
Read Moreअपनी चाहो आप भलाई। कभी नहीं तुम करो ढिठाई ।। समय नहीं अब ऐसा भाई। नहीं किसी की करो बुराई।।
Read Moreएक महान मूर्तिकार जो पत्थर से भगवान की बहुत सुंदर मूर्तियां बनाता था, उसे प्रभु ने स्वप्न में दर्शन दिए
Read Moreभारत में सड़क हादसों में युवाओं की लगातार हो रही मौतें आज एक ऐसी सच्चाई बन चुकी हैं, जिसे नज़रअंदाज़
Read More— डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की सबसे मज़बूत नींव माना जाता है। बार-बार यह कहा
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