दिल
दिल मिले तो साथ रहिये
दिखाने को न हाथ मिलाइये
शब्द भले ही हो मीठे
उनके भीतर के भाव को पहचानिये
भाव भंगिमाये बता देती हैं हकीकत
लाख चेहरे पर मुस्कुराहट लाइए
तेरे बिना और भी तो हैं दुनियां
तुमसें ही मुलाक़ात की जाये
यह कोई जरुरी तो नहीं
जहाँ दिल न मिले
वहाँ रुकना जरुरी तो नहीं
यह दुनियां है रस्मो रवाज की
हर रस्म निभाई जाये
जरुरी तो नहीं
