मुक्तक/दोहा

दोहा

राष्ट्र चिन्ह को तोड़कर,किया राष्ट्र अपमान |
क्यों उनके इस कृत्य पर,चुप है हिन्दुस्तान ||

कैसे इनको हम सहें,हैं जाहिल इन्सान |
जिन पर हमको गर्व है,उन्हे न देगें मान ||

राष्ट्र चिन्ह इनके लिए,है मूरत बेजान |
इन्हे बताओ चिन्ह ये,है भारत की शान ||

बैल शक्ति का रूप है,दोड़ो अश्व समान |
चक्र घूम बतला रहा,सदा रहो गतिमान ||

बनो सिंह से साहसी,और बनो बलवान |
सत्यमेव जयते सदा,ये प्रतीक दें ज्ञान ||

— शालिनी शर्मा

शालिनी शर्मा

पिता का नाम-स्वर्गीय मथुरा प्रसाद दीक्षित माता का नाम -श्रीमती ममता दीक्षित पति का नाम-श्री अनिल कुमार शर्मा वर्तमान स्थायी पता- केऐ-16 कर्पूरी पुरम गाजियाबाद फोन न0- 9871631138 जन्म एंव जन्म स्थान-09.04.1969, परीक्षित गढ़ गाजियाबाद उप्र शिक्षा एवं व्यवसाय-बीएससी बीएड़,अध्यापिका व सहायक NCC आफिसर (13 यूपी गर्ल्स बटालियन) प्रकाशित रचनाएं एवं विवरण-अमर उजाला काव्य में 48 रचनायें प्रकाशित, विभिन्न पत्रिकाओं में रोज रजनाएं प्रकाशित होती हैं,दो तीन सम्मान प्राप्त