कविता

दोस्ती ही असली धन है

सूरज की किरणें,
हँसी में बसी मिठास,
सच्चा साथी।

संग चलें हम सब,
सारे ग़म हों दूर कहीं,
मित्रता चमके।

साँझ की हल्की हवा,
पग-धुन में गूँजती धुन,
साथ हमारा।

हाथों में हाथ लिए,
रास्ते हों सरल सभी,
सच्चे दोस्त।

सूरज ढले, छाँव आए,
हृदय में प्यार जगाए,
दोस्ती अमोल।

सुख-दुःख के हर पल,
साया बने संग हमेशा,
मित्रता बनी रहे।

कहानियों की गूँज,
हँसी में मिले हर रंग,
साथ हमारा।

हर स्मृति याद रहे,
सपनों में भी मुस्कान लाए,
दोस्ती की खुशबू।

स्नेह और विश्वास,
हर दिल में रोशनी करे,
सच्चा साथी।

सर्दी या गर्मी में,
संग बना रहे हम सब,
मित्रता अमोल।

सफ़र चाहे लंबा हो,
हाथ पकड़ संग चलें हम,
दोस्ती का धन।

हर राह हो रोशन,
सपनों में रंग भर जाए,
सच्ची मित्रता।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com