मीठी मुस्कान
किया सोलह शृंगार, बिना हँसी मुस्कान, जैसे फीके पकवान।। दुख-दर्द की दवा, गम-तम में उजियार, मधुरिम मीठी मुस्कान।। बात-बात में
Read Moreकिया सोलह शृंगार, बिना हँसी मुस्कान, जैसे फीके पकवान।। दुख-दर्द की दवा, गम-तम में उजियार, मधुरिम मीठी मुस्कान।। बात-बात में
Read Moreआयी किरणें दमकती, चेतन सृष्टि उजास। आशा हिय में चहकती, जीवन ज्योति प्रभास।। जीवन ज्योति प्रभास, झरे नित प्रेमिल झरना।
Read More“जब देखो आप उसकी ही बढ़ाई करती हो। आपका लाड़ला है, वह बेटा है न।” स्वाति के मन की पीडा
Read Moreमिल-जुलकर त्योहार मनाएँ। हर्षित मानस मंगल गाएँ। सुर लय सरगम ताल सुरीला। हिय झंकृत खुशियों का मेला।। आओ चहुँ दिशि
Read Moreभोजन लेते भर-भरकर हम, थाली में।थोडा खाते बचा फेंकते, नाली में।व्यर्थ बहाकर पानी करते, नादानी–कूड़ा करकट अटका रहता, जाली में।।
Read Moreनवदुर्गा स्वागत बेला हैं, आओ रे। घडी मंगला घट घर-घर में, लाओ रे। मन में हर्षोल्लास खूब खुशियाँ छाई, उत्सव
Read More