रिमझिम बूंदें
चिलचिलाती धूप, तेज गरमी से तप्त धरा पर, गिरती हैं जब अंबर से रिमझिम बूंदे, छेडती हैं मीठी सरगम, सौंधी-सौंधी
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Read Moreविद्या का वरदान, बुद्धि दो जग कल्याणी।। कोकिल सा दो कंठ, मधुर हो सुस्वर वाणी।। सदाचार हो बोध, जिंदगी हो
Read Moreशुकराना कीजिए थरथराते हाथों को, डगमगाते पांवों को, ढलती सांझ को, सखा, रुसवा न कीजिए।। फैला बाहों का पलना, सजाया
Read Moreसाया प्यार दुलार का, मात पिता का छत्र। शीतल छाया स्नेह की, खिलता सौरभ इत्र।। खिलता सौरभ इत्र, महकती जीवन
Read Moreगणपति बप्पा आप पधारो। दर्शन देकर मुझको तारो।। विघ्न विनाशक हमें उबारो। आकर जीवन काज सँवारो।।
Read Moreबालक मन कच्चा घडा, जैसा दो आकार। सत्यार्थी शिक्षा मिले, विद्या का आधार।। विद्या का आधार, ज्ञान, कौशल वह पाता।
Read Moreसाया प्यार दुलार का, मात पिता का छत्र। शीतल छाया स्नेह की, खिलता सौरभ इत्र।। खिलता सौरभ इत्र, महकती जीवन
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