सायली छंद
फागुनी रंग बरसे हिय हुलार हुलरे, छलके प्रेम साजना। होलिका प्रेम पर्व उमंग उल्लास रंग मदहोश मन साजना। रंगबिरंगी कालिंदी
Read Moreहायकु शिव शंकर, करे जब तांडव, मिटे दानव।। कैलाश नाथ, सिर पर हो हाथ, तरे संसार।। बड़े बुजुर्ग, हो आदर
Read Moreप्रतिभा कौशल से बढ़े, गौरव गरिमा शान। काम देश के आ सकूं, ऊँची भरूँ उड़ान। मानवता पुष्पित रहें, करुणा नेह
Read Moreविद्यार्थी श्रम अथक, करता रहें प्रयास। यत्न करें वह सकल, हो मन में विश्वास।। कोशिश जब हो सतत, सदा सार्थ
Read Moreतुमसे प्यार करने के बाद तो हमने जीना सीखा है। सागर तट पर अपने प्रियतम सौरभ के कंधे पर सिर
Read Moreनेता अभिनेता जान, साथी कभी मत मान, वादों की हैं भरमार, हैं ये मायावी संसार।। लोभ लालच रूदन, अहं स्वार्थ
Read Moreप्रतिभा कौशल से बढ़े, गौरव गरिमा शान। काम देश के आ सकूं, ऊँची भरूँ उड़ान। मानवता पुष्पित रहें, करुणा नेह
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