दोहा – कोशिश हो सतत
विद्यार्थी श्रम अथक, करता रहें प्रयास। यत्न करें वह सकल, हो मन में विश्वास।। कोशिश जब हो सतत, सदा सार्थ
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Read Moreतुमसे प्यार करने के बाद तो हमने जीना सीखा है। सागर तट पर अपने प्रियतम सौरभ के कंधे पर सिर
Read Moreनेता अभिनेता जान, साथी कभी मत मान, वादों की हैं भरमार, हैं ये मायावी संसार।। लोभ लालच रूदन, अहं स्वार्थ
Read Moreप्रतिभा कौशल से बढ़े, गौरव गरिमा शान। काम देश के आ सकूं, ऊँची भरूँ उड़ान। मानवता पुष्पित रहें, करुणा नेह
Read Moreचहकेगा उपवन, महकेगा मधुबन, रात के बाद ही दिन, आएगा निश्चित जान।। मुरझाया चाहे बाग, फूलों में था अनुराग, सखा
Read Moreज्ञानी ऋषि मुनि हैं बडे, लेखन ललित प्रभास। विद्या दानी की कलम, भरती ज्ञान उजास।। भरती ज्ञान उजास, जिंदगी संवर
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