ग़ज़ल
भुला कर हर बात, मन को हल्का कर लिया जाए,हल्का होकर मन चाहे तो, उसे उड़ने दिया जाए। खुशी की
Read Moreसावन बरसे, मनवा तरसे,सजना तुम अब तक नहीं आए,रिमझिम-रिमझिम बुंदियां बरसें,बरसे बदरिया, तनिक न भाए। कुछ श्रृंगार भी रास न
Read Moreसावन में छन-छन करती हरी-हरी चूड़ियां,हरी साड़ी के साथ संगत करती चूड़ियां,हरियल मेंहंदी से जैसे आ जाती लाली-लालिमा,गोरी को लाज
Read Moreबालक-से सूरज अलबेले,सुबह तो लगते बिल्कुल भोले ।जेठ-दुपहरी की वेला में,बरसाते हैं आग के गोले ॥ सुबह फैलाएं मधुरिम लाली.अब
Read Moreउमड़ घुमड़ घन आए गगन में मन मेरा लहराए।मन में उमंगें, तन में तरंगें, कारे बदरा लाए।पिया-मिलन की ऋतु अलबेली,
Read Moreअंदाज मेरी मोहब्बत का सबसे ही निराला हैकभी उष्ण एहसास है कभी शीतल जल धारा है। सपनों की महफिल में
Read Moreदेवों के देव महादेव शिव, कल्याण सभी का करते हैंदेवेश्वर हैं विश्वेश्वर शिव, कल्याण सभी का करते हैं- शिव जी
Read Moreकल्पना के तुरंग पर होकर सवार, शब्द चले आते हैं,अपनी अहमियत बताकर, हमें सचेत कर संवार जाते हैं.कभी सूर्य-सम तेजवान,
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