अपने माथे पे बना बिंदियाँ सजा ले मुझको
अपने माथे पे बना बिंदियाँ सजा ले मुझको चाहतों के तु समन्दर में डुबा ले मुझको दूर रहकर मैं
Read Moreअपने माथे पे बना बिंदियाँ सजा ले मुझको चाहतों के तु समन्दर में डुबा ले मुझको दूर रहकर मैं
Read Moreमुहब्बत से ही हर तरफ़ रोशनी है ग़ज़ा-ओ-ख़ुशूमत फ़क़त ज़ाहिली है जो चालाक ठहरे वो बचकर निकलते तक़ाज़ों पे हरदम
Read Moreसाथ अपने हमेशा पाओगे मुश्किलों में जो आजमाओगे दर्द को बाँट लीजिए वर्ना बाँध के जैसे टूट जाओगे
Read Moreराहो-मंज़िल सभी की जुदा देखिये आदमी आदमी से ख़फ़ा देखिये झांकिए मत गिरेबां हमारा मियाँ इक दफ़ा आप भी आइना
Read Moreसभी तैयार हैं अपने मेरे खंज़र चलाने को मेरा नामो-निशां दुनिया के पन्नों से मिटाने को मुझे मेरी गरीबी
Read Moreदिलासा ही दिलाया जा रहा है अभी भी आज़माया जा रहा है यक़ीनन ग़म छुपाया जा रहा है जो इतना
Read Moreअक़ीदत झूठ की करता नहीं मैं बदी के रास्ते चलता नहीं मैं मुझे आता है लड़ना मुश्किलों से किसी भी
Read Moreअजब ज़िन्दगी का गज़ब फ़लसफ़ा है हँसे तो इबादत वगरना सजा है वही जीत पाया है हर इक लड़ाई मिलाकर
Read Moreशुबहात दिल में अपने सदा पालता रहा । शायद इसी के चलते मुझे टालता रहा ।। ना रास्ता मिला न
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