गृहलक्ष्मी
गृहलक्ष्मी को पूर्ण परिभाषित करना नहीं है इतना भी सरल,उसका पद, महत्व और सहभागिता जीवन में सबके है अविरल,माता, बहन,
Read Moreगृहलक्ष्मी को पूर्ण परिभाषित करना नहीं है इतना भी सरल,उसका पद, महत्व और सहभागिता जीवन में सबके है अविरल,माता, बहन,
Read Moreतीज तेरस अनूठे शुभ मुहूर्त ये, नव निधि और सौभाग्य लाएं,आरोग्यता और सुख समृद्धि, जीवन में “आनंद” को बढाएं ।
Read Moreबेटियों से मत छीनों तुम उनका स्वतंत्र अधिकार,बहने दो उनमें भी निर्बाध अमृत “आनंद” रसधार । बिटिया संस्कारों को पीढ़ी
Read Moreयोगेश्वर जगद्गुरु श्री कृष्ण ने गोपियों की सुनी पुकार,श्री परमेश्वर आए भवसागर से करने जीवों का उद्धार,पुलकित हुआ धरती का
Read Moreरावण है बहुत खूॅंखारकाम, क्रोध, लोभ, मोह, मत्सर,मद, घृणा, द्वेष, भय और अहंकार,दस दुर्गुणों वाला रावण है बहुत खूॅंखार ।
Read Moreशेर पर सवार मात अष्टभुजाओं वाली,तू ही चंडिका चामुंडा मॉं महाकाली,दुख हरनी सुख करणी हे जगदंबा मैया,जगत जननी जय हो
Read Moreदेवी दुर्गा भवानी मात तारा, मॉं तू ही है मेरे जीवन का सहारा,ये जीवन तुझपे दाती वारा, बहा दे जीवन
Read Moreछोड़ चला दुनिया को एक नायाब सितारा,था जो सबका ही बहुत बहुत बहुत प्यारा,संगीत की करता था वो नित भावपूर्ण
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