नयी भोर
बस कहने भर को यह नयी भोरलाखों घरों में है अंधियारा पुरजोरप्रकृति के रौद्र रूप के सामनेहर इंसान दिखता बेबस,
Read Moreस्वतंत्रता दिवस के शुभ पर्व परकेवल जश्न में ही न डूब जाएजिनकी कुर्बानी से मिलीआजादीएक दिया उनके नाम का जलाएं
Read Moreआज एक बार फिर सत्यआखिरकार सर चढ़कर बोला,झूठ,फरेब और साजिश कासारा कच्चा चिट्ठा खोला।। तथ्य-विहीन सब आरोप पाएन्याय ने अन्याय
Read Moreऐ मन आखिर तू क्योंइस कदर भयभीत हैक्या तुझे पता नही है किडर के आगे जीत है ।। बिना जोखिम
Read Moreसिर्फ एक दिन नही हर दिन हमविश्व योग दिवस मनाएंगेतन को बनाकर स्वस्थ व निरोगीखुद का कायाकल्प कर जाएंगे।। समय
Read Moreआज जन-जन की आंखें नम हैशोक में डूबा धरा का हर कण हैअहमदाबाद की हवाई दुर्घटना सेसैंकड़ों घर उजड़े, व्यथित
Read Moreआया यह कैसा प्रगति का दौरहर तरफ है बस शोर ही शोरबम -बंदूकों की गड़गड़ाहट सेछाया जगत में अंधियारा घनघोरआया
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