Author: *डॉ. सत्यवान सौरभ

राजनीति

विधायकों के टेलीफोन भत्ते: फिजूलखर्ची या जनसंपर्क की अनिवार्यता?

लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सुविधाएं हमेशा चर्चा और बहस का विषय रही हैं। वेतन और भत्तों का

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कविता

नन्हा दाना, नन्हा दिल

नन्हा बच्चा दाना लाया,चिड़ियों को वह खिलाने आया।छोटे-छोटे हाथ बढ़ाए,धरती पर दाने बिखराए। चूं-चूं करके चिड़ियाँ आईं,खुश होकर दाना चुगती

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