आंदोलन, नेतृत्व और लोकतंत्र : सवालों के बीच सच्चाई की तलाश
लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं चलता, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, संवाद, असहमति और उत्तरदायित्व से भी संचालित होता है।
Read Moreलोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं चलता, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, संवाद, असहमति और उत्तरदायित्व से भी संचालित होता है।
Read Moreभारत की शिक्षा व्यवस्था आज जिस मोड़ पर खड़ी है, वहाँ समस्या किसी एक व्यक्ति या किसी एक मंत्रालय तक
Read Moreदेश में जब भी नीट (NEET) परीक्षा होती है, उसके बाद केवल परिणामों की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की चर्चा
Read Moreसत्ता से बढ़कर सदा, जनता का विश्वास।सेवा, सच, समर्पण ही, नेतृत्व की आस॥ सत्ता चाहो या चुनो, जन-जन का सम्मान।स्वार्थ
Read Moreसत्ता पाने के लिए, रचें नए षड्यंत्र।देश विरोधी शक्तियाँ, फूँक रहीं विष-मंत्र॥ झूठ-फरेबी जाल में, उलझा सारा देश।स्वार्थों की इस
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथ में,चिट्ठियों का मान।ढूँढ़ रहा प्रज्ञान है,बीते कल की शान॥ कागज़-कागज़ बोलते,जीवन के आधार।संघर्षों की रोशनी,मिली आज उपहार॥ शब्द
Read Moreलोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन केवल अधिकार नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम भी है। जब व्यवस्था में कोई
Read Moreबचपन की प्यारी मस्ती,हँसी में छुपी खुशबू।दोस्तों संग खेलते हैं,हर दिन हो नया धूम। बारिश की बूँदों में,कागज़ की कश्ती
Read Moreडिजिटल क्रांति ने समाज को अभूतपूर्व सुविधाएँ प्रदान की हैं। आज स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, विशेषज्ञों की सलाह और चिकित्सा सेवाएँ
Read Moreपापा संग हर शाम हो,खुशियों की बरसात।उनके संग हर पल लगे,जैसे मीठी बात॥ नन्ही उँगली थामकर,चलता मेरा मान।पापा ही मेरे
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