Author: डॉ. शैलेश शुक्ला

शिक्षा एवं व्यवसाय

सफल लोकतंत्र के लिए पत्रकारों की स्वतंत्रता अनिवार्य

किसी भी लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति उसकी संसद, न्यायपालिका या चुनाव प्रणाली भर से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात

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भाषा-साहित्य

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों में हिंदी पत्रकारिता का अखिल भारतीय विस्तार

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यात्रा भारतीय समाज, लोकतंत्र और सांस्कृतिक चेतना के विकास की एक सुदीर्घ, जटिल

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भाषा-साहित्य

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों में हिंदी का वैश्विक विस्तार

हिंदी पत्रकारिता के लगभग 200 वर्षों का इतिहास केवल भारत की सीमाओं में विकसित एक भाषाई परंपरा का इतिहास नहीं

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राजनीति

कलम की कसक और लोकतंत्र की ललकार : प्रेस स्वतंत्रता पर बढ़ते प्रश्न

भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता केवल पत्रकारों का विषय नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की गुणवत्ता,

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राजनीति

सीमा की सजगता, सुरक्षा का संकल्प : घुसपैठ पर कठोरता से सशक्त राष्ट्र

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाई अखंडता और आंतरिक स्थिरता के संदर्भ में भारत में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का प्रश्न लंबे

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

ज्ञान, गरिमा और गहनता : भारतीय ज्ञान परंपरा का वैश्विक वैभव

भारतीय ज्ञान परंपरा मानव सभ्यता की उन महान बौद्धिक धाराओं में से एक है, जिसने केवल किसी राष्ट्र या समुदाय

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राजनीति

विरासत विरुद्ध विकास नहीं, विरासत सहित विकास चाहिए

भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है। यह ऋषियों की तपोभूमि, देवालयों की धरा, परंपराओं की परिक्रमा और संस्कृति की

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राजनीति

सत्ता में सादगी : संयमित सांसदों एवं विधायकों से समृद्ध लोकतंत्र की स्वर्णिम संहिता

भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है जहाँ जनता अपने प्रतिनिधियों को इस विश्वास के साथ चुनती है कि वे राष्ट्रहित को

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