कैद करती रेखाऍं
हमें कैद करती हैं उनकी बनाई रेखाऍंरेखाऍं कुछ सीधी होती है तो कुछ टेढ़ीसाजिश की टेढ़ी रेखाएं पहचान में नहीं
Read Moreहमें कैद करती हैं उनकी बनाई रेखाऍंरेखाऍं कुछ सीधी होती है तो कुछ टेढ़ीसाजिश की टेढ़ी रेखाएं पहचान में नहीं
Read More“धूप में खटते जान जाती है तुम्हारी और पैसे तुम्हें पूरे चाहिए, कामचोर पैसे डाल में लगते हैं? ” मुंशी
Read Moreठाकुर श्याम सिंह के पूछने पर कि हरिया तेरे घर में लड़का पैदा हुआ है कि लड़की, तो उसने अपनी
Read More“वह आज भी गैर जवाबदेही में जी रहा है।” रघु ने अपने बगल गिर की बात सोमारू से बेबाक कही।
Read More“एक ग्लास पानी और चाय लाना, वंदना बहू।” रमेश के पिता परमेश्वर ने अपने समधी पारसनाथ के आते ही कहा।“अभी
Read Moreस्कूल की जिंदगी की कहानी कुछ और होती है, कुछ कहानी दूर तक सफर तय करती है तो कुछ सिमट
Read More“सामली, आज मेरी दुकान का उद्घाटन है, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई जो बिना पूछे अंदर चली आई
Read Moreपोथी खोलने के बाद पुरोहित हिचकिचाने लगे। यह तय शादी बेमेल होने जा रही है। कैसे और किसे हम बताएं
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