दहेज के पंख
शादी के दिन रेखा को उसके मायके से एक बड़ी सी ट्रॉली मिली — बर्तन, गहने, कपड़े। सास ने कहा — “अच्छा है, कुछ बोझ तो
Read Moreशादी के दिन रेखा को उसके मायके से एक बड़ी सी ट्रॉली मिली — बर्तन, गहने, कपड़े। सास ने कहा — “अच्छा है, कुछ बोझ तो
Read Moreसुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक रसोई में लगी रहती थी। उसकी दुनिया वहीं थी — मसालों के डिब्बे, जलते पराठे और भीगी आँखें। एक
Read Moreरश्मि हर शाम बालकनी में बैठकर एक चिट्ठी लिखती थी — अपने पुराने प्रेमी को। शादी के बाद उसका वो हिस्सा कहीं
Read Moreकमला का आंचल कभी दूध से भीगा रहता था, कभी आँसुओं से। हर बार जब पति गुस्से में हाथ उठाते, वह चुप
Read Moreगोपाल की अर्थी उठने ही वाली थी। बाहर गये बेटे पंकज का सब इंतजार कर रहे थे। एक ने कहा-
Read Moreपापा आप कब आयेंगे? कितने दिन हो गए आपको ऑफिस के काम से गए हुए। आपने कहा था चार-पाँच दिन
Read More“मीनू की मम्मी देखा, जब से अमित विदेश गया है, आपकी बहू उर्मी कभी इसके साथ, कभी उसके साथ खिलखिलाती
Read Moreसामने खड़ा था—उसका पहला प्यार, उसका पति, जिससे बरसों पहले जुदाई हो चुकी थी। एक पल के लिए दोनों की
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