लघुकथा – परम हितैषी
“सुधा! अगर रतन बाबू ने कोई बहाना बनाकर अजीत को खाली हाथ लौटा दिया तो …।” दीपक बाबू ने आशंका
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Read Moreअद्भुत नजारा था. बेटी अटैची सहित पिता के द्वार पर खड़ी थी. पिता बिना बताए, अचानक ससुराल से नाराज होकर
Read More“वाह क्या खुशबू आ रही है, क्या बन रहा है भाभी जी?” अंदर घुसते ही सोहन ने लंबी सांस लेते
Read Moreहिसाब-किताब शादी के बाद पहली बार मायके आई रश्मि से उसकी दादी ने पूछा, “बेटा इस महिने सेलरी के पैसे दामाद
Read Moreसाक्षात्कार “यदि आपकी मासिक आय 1 लाख रुपए है और आपका टोटल खर्च 70 हजार रुपए है, तो महीने के
Read Moreप्रत्युपकार “यार रमेश, तुम डॉक्टर साहब के यहाँ एक कंपाउंडर हो, सर्वेंट नहीं, फिर भी मैं देखता हूँ कि तुम
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