लघुकथा : इंतजार
आज अध्यापक कक्षा में कदम रखते ही बच्चों से बोले – ” बच्चो ! आज सभी अपने–अपने पिता जी को
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Read Moreस्नेहा का जन्मदिन था, उसने बड़े स्नेह से आमंत्रित भी किया था. तैयार होकर अनु निकलने को हुई तो बारिश
Read Moreएक मंदिर में सब लोग पगार पर काम करते थे, घंटा बजाने वाला भी पगार पर था.घंटा बजाने वाला आदमी
Read Moreबात लगभग 65 साल पहले की है. मैं छोटी-सी बच्ची थी. मेरी एक सहेली ने हारमोनियम सीखने का मन बनाया.
Read More“यह तो वही जगह है न, जहां हम नाव में सवार होकर डोलते थे! कैसी सूख-साख कर बंजर-सी लग रही
Read Moreशुभम को सरला ने अंग्रेजी स्कूल में डाला है। थोडा काम ज्यादा कर लेगी, लेकिन उसे बडा आदमी बनायेगी। खूब
Read Moreएक कार से गुलजार की टक्कर हो गई थी, जिससे उसकी एक टांग में फ्रैक्चर हो गया था। उसका ऑपरेशन
Read Moreश्रेयस के जन्म के साथ ही गीता ने दुनिया छोड़ दी। रमण की तोक्षदुनिया उजड़ गई। नवजात शिशु की परवरिश
Read Moreअचानक आधी रात को मेरी नींद उचट गई। सोने का हर प्रयास असफल हो गया। तब मैं उठकर बैठ गया।
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