वक्त बदलते वक्त नहीं लगता
सूरज ढला,पर उजाला ठहरा,मन अब भी जागे। पत्तों की धुन,कहती है चुपके से,कुछ भी स्थिर नहीं। घड़ी की सुई,चलती रही
Read Moreसूरज ढला,पर उजाला ठहरा,मन अब भी जागे। पत्तों की धुन,कहती है चुपके से,कुछ भी स्थिर नहीं। घड़ी की सुई,चलती रही
Read Moreरात की चादर,चाँद की चुप हलचल में,तेरा नाम आया। हवा ने कहा,तेरी खुशबू संग लायी,बीते पल जागे। पेड़ की शाखों
Read Moreतेरी खामोशी में,छिपा है मेरा सुर भी —मन गुनगुनाता। भोर की किरणें,तेरे नाम से चमकें —दिन मुस्कुराए। साँसों की डोरी,तेरे
Read Moreपन्नों में बसीबीते युगों की खुशबू,मन को महकाए। शब्दों की नाव,विचारों की लहरों पर,सफ़र सुहाना। हर पृष्ठ कहे,जीवन के रंग
Read Moreभोर का तारा,अब भी आँखों में है —चलो उसी ओर। पंख थके हों भी,आसमान बुलाए —विश्वास रखो। मिट्टी की खुशबू,कहती
Read Moreथकी सी राहें,सपनों की धूल उड़े,मन खो जाए। चाँदनी फीकी,रात कुछ कहती है,ख़ामोशियाँ भी। मंज़िल न पूछो,कदम थम जाएँ जब,हवा
Read Moreजब भी तकरार,दिल में छुपा होता है,एक अपनापन। मौन की दीवार,सुनती है हर धड़कन,बिन कहे बातें। ग़ुस्सा भी तो है,प्यार
Read Moreधीरे से बोली,सुबह की पहली किरण —“उठो, मुस्कुराओ।” ओस की बूँदें,फूलों से बातें करतीं,सपनों की भाषा। मिट्टी की गोद में,एक
Read Moreमौन सिसकियाँ हैं,धुएँ में गुम आहटें,कौन सुनता है। अंतिम साँसों में,स्वार्थ का जाल गहरा,मनुष्य अंधा। श्रद्धा के नीचे,लालच की परछाईं,छिपी
Read Moreचाँदनी रात मेंतेरा चेहरा नजर आएख्वाबों की तरह सन्नाटा गहरीदिल में तू ही बसा हैहवाओं में तेरा नाम फूलों की
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