हाइकु/सेदोका

हाइकु/सेदोका

पतों से हो गई है रिश्तों की उम्र

पतझड़ की हवा,रिश्तों के रंग उड़े,साँसें गुम हो गईं। सूखे पत्तों में,बीती यादें बिखरी हैं,हृदय रोता है। सन्नाटा छाया,बातें अधूरी

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