बाल कविता – जुगनू
चमक रहा था आसमान में, रात अंधेरी वो बरसात में । एक बच्चे की जो पड़ी नज़र, पकड़ लिया उसको
Read Moreचमक रहा था आसमान में, रात अंधेरी वो बरसात में । एक बच्चे की जो पड़ी नज़र, पकड़ लिया उसको
Read Moreहरण किया माता सीता का, रावण ने परिणाम न सोचा, शक्ति राम की जान न पाया, हुआ जान
Read Moreएक दिन चूहा बन गया शेर, करने निकला जंगल की सैर। धमा-चौकड़ी खूब मचाता, रौब से था सबको धमकाता। सारे
Read More1.नन्ही पौध एक विशाल वृक्ष की मैं नन्ही-सी हूं इक पौध आज, कल मुझको बड़ा होना है, आओ, धीमे जल
Read Moreये दुनिया खुशियों का मेला ,इसमें भरना नहीं झमेला ,उससे मिलना ख़ुशी ख़ुशी से ,जो मानव होवे अलबेला। —जोर लगा
Read More1.भारत मां एक बना दो हे भारत मां, हम बच्चों को नेक बना दो, जीवन में सद्गुण का धन दे,
Read Moreमाँ गुड़हल का फूल कहाँ है,लाकर मुझे दिखाओ।चित्रों वाले फूल दिखाकर,मुझको न बहलाओ।हमनें बस गेंदा गुलाब के,देखे फूल असल के।बाकी
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