दशहरा
आये प्रभु राम हमारे करके रावण का संहार, सब मिलकर मनाएगे दशहरे का त्योहार। भीतर के रावण को जलाएगे आज
Read Moreबच्चे और गुलाब एक जैसे, जैसे पालो बन जाएं वैसे, बच्चे गुलाब की तरह महकें और जग को महकाएं, खिलखिलाती
Read Moreगुरु ने हमको ज्ञान कराया। भीतर का तम दूर भगाया।। हम सब गुरुओं के आभारी। उनकी हम पर सदा उधारी।।
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