मूक-बधिर
लगभग रात के १२बजे ट्रेन चंडीगढ़ से चली। मैं अपनी दो बेटियों के संग कोटा अपने बड़े भाई के पास
Read Moreकोरोना ने मार्च २०२० से ही जीवन की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दी थी। सही शब्दों में कहा जाए तो
Read Moreअदब की दुनिया के जगमगाते सितारों से मिलना जैसे ज़ियारत हो गई पहले दिन तय हुआ था कि
Read Moreखदराला जाने का अवसर मुझे 1978 में मिला। शिमला से वाहन द्वारा टैक्सी या बस द्वारा ही वहां पहुंचा जाना
Read Moreहम भारतीयों की किस्मत में ही शायद सही – सलामत यात्रा का योग ही नहीं लिखा है । किसी सफर
Read Moreवाकई भौकाल मचाने में हम भारतीयों का कोई मुकाबला नहीं । बदलते दौर में दुनिया दो भागों में बंटी नजर
Read Moreनवाबगंज ठाकुरबाड़ी : भव्य स्थापत्यकला कटिहार के मनिहारी अंतर्गत नवाबगंज ग्राम को यूँ तो बंगाल के नवाब सिराज़ुद्दौला के मौसेरे
Read Moreट्वीटर से समस्या समाधान के शुरूआती दौर में मुझे यह जानकार अचंभा होता था कि महज किसी यात्री के ट्वीट
Read Moreजर्मनी की नदियों को वहाँँ के लोग बहुत ही हिफाज़त से रखे हैं, वहाँ की नदियाँ इतनी साफ-सुथरी हैं, कि
Read Moreजुलाई के दूसरे सप्ताह में हमने अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ कश्मीर का भ्रमण किया। कश्मीर में आतंकवादी घटनायें लगभग
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