लघुकथा- फ़ख़्र
पापा आप कब आयेंगे? कितने दिन हो गए आपको ऑफिस के काम से गए हुए। आपने कहा था चार-पाँच दिन
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Read More“मीनू की मम्मी देखा, जब से अमित विदेश गया है, आपकी बहू उर्मी कभी इसके साथ, कभी उसके साथ खिलखिलाती
Read Moreसामने खड़ा था—उसका पहला प्यार, उसका पति, जिससे बरसों पहले जुदाई हो चुकी थी। एक पल के लिए दोनों की
Read Moreये चिट्ठियां भी अनेक अनकहे राज खोलती हैं!“जिंदगी में समझौता आवश्यक नहीं है, आवश्यक है आपसी समझ. आपसी समझ होने
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